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साजिशकर्ताओं को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कोलकाता। कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक फर्जी खबर को लेकर भारी बवाल मच गया है। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की वरिष्ठ सदस्य दीपा दासमुंशी ने उनके बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने संबंधी खबरों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और निराधार बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अवसरवादी तत्व दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से उनके नाम और तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर पार्टी को राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से नुकसान पहुंचाने की गंभीर साजिश रच रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों और कुछ डिजिटल समाचार पोर्टलों पर यह भ्रामक दावा किया जा रहा था कि दीपा दासमुंशी को बंगाल कांग्रेस की कमान सौंपी गई है और वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला नेता हैं। खबर के तेजी से तूल पकडऩे के बाद खुद कांग्रेस नेत्री को सामने आकर इस दुष्प्रचार का जोरदार खंडन करना पड़ा।
दीपा दासमुंशी ने सोशल मीडिया पर उस फर्जी वायरल तस्वीर को सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया कि इस दावे का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों को आईना दिखाते हुए कहा कि बंगाल प्रदेश कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष होने का गौरव पूर्व नेता पूरबी मुखोपाध्याय को प्राप्त है।
उन्होंने साफ किया कि वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर आलाकमान या पार्टी नेतृत्व के किसी भी स्तर पर कोई चर्चा या विचार-विमर्श नहीं हुआ है। कांग्रेस नेत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल प्रभाव से इस भ्रामक प्रचार को बंद नहीं किया गया और संबंधित लोगों ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त नहीं किया, तो वह उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी।
राजनीतिक हलकों में दीपा दासमुंशी के इस कड़े रुख के बाद फिलहाल संगठन में फेरबदल की तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है।